
इंदौर मध्यप्रदेश
,इंदौर। मप्र के इंदौर क्राइम ब्रांच ने भवरकुआं इलाके में दबिश देकर पोर्न ऐड और एस्कॉर्ट्स सर्विस के लिए वेबसाइट बनाकर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. क्राइम ब्रांच ने 8 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है. पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, वह सभी इंदौर से बाहर के रहने वाले है. इंदौर में रहकर यह अवैध गतिविधि संचालित कर रहे थे. पुलिस ने उनके पास से दो पोर्न फिल्म की सीडी भी जब्त की है. इनके पाकिस्तान से भी कनेक्शन होने की पुख्ता जानकारी मिली है. उन्होंने पकिस्तान से सर्वर लेकर रिमोट से एक्सेस लेकर इंदौर से काम कर रहे थे.
दरअसल इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो एक वेबसाइट्स को ऑपरेट करते थे. इस वेबसाइट्स का उपयोग पोर्न मूवी या देह व्यापार के विज्ञापन के लिए किया जाता था. इस वेबसाइट्स पर देश विदेश से कई लोग जुड़ते थे. अनैतिक गतिविधि होने की वजह से ही इस वेबसाइट को यूएस में प्रतिबंधित कर दिया गया था. इस वजह से इंदौर में कुछ युवकों ने उस प्रतिबंधित वेबसाइट्स को नाम बदलकर ऑपरेट करना शुरू कर दिया.
इस पर आने वाले विज्ञापनों के पैसे ऑनलाइन और बिटकॉइन के माध्यम से ऑपरेटर हासिल करते थे. वह लंबे समय से यह कार्य संचालित कर रहे थे. अनैतिक देह व्यापार जैसे कई अड्डों पर हाल ही में बड़ी कार्रवाई की गई है, लेकिन इसी का फायदा उठाते हुए कुछ तकनीकी के विशेष जानकारों ने दुरूपयोग करना शुरू कर दिया है.
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इसका खुलासा तब हुआ, जब इंदौर क्राइम ब्रांच ने भंवरकुआ थाना इलाके के साईराम प्लाज़ा में स्थित चौथे मंजिल पर एक दफ्तर में दबिश दी. यहां आईटी कम्पनी की आड़ में एस्कॉर्ट सर्विस उपलब्ध करवाने के लिए वेबसाइट्स डेवलप की जाती थी. इतना ही नहीं ऑपरेटर के तार पाकिस्तान से लेकर विदेशो से भी जुड़े है. यहां कई देशों से लोग जुड़े थे.
जिस प्रतिबंधित वेबसाइट्स को संचालित करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने उसका सर्वर पाकिस्तान से लेकर ऑपरेशन शुरू किया था. शातिर आरोपी टीमव्यूअर और अन्य ऍप्लीकेशन के माध्यम से उसका संचालन करते थे. उसमें सेक्स और अन्य तरह के कई कॉलम को विभिन्न वर्गों में बांटा गया था. यहां खुद सेक्स वर्कर अपनी प्रोफाइल अपलोड करती थी. इसके अलावा यहां विभिन्न तरह के प्रलोभन भी दिए जाते थे. प्रोफाइल अपलोड और सर्फिंग के बीच होने वाला मुनाफ़ा ऑपरेटर्स के पास सीधे ऑनलाइन आता था. इसको लेकर बिटकॉइन का भी सहारा लिया जाता था


