शहडोल—-दीपावली पर्व को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शहडोल कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री पार्थ जायसवाल ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शहडोल शहर सहित जिले की सभी तहसीलों और अनुभागों में पटाखों के भंडारण, बिक्री और उपयोग को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं।
संवेदनशील इलाकों में प्रतिबंध और पटाखों की समय-सीमा
कलेक्टर ने आदेश में स्पष्ट किया है कि दिवाली के अवसर पर केवल रात 8:00 बजे से लेकर 10:00 बजे तक ही आतिशबाजी की जा सकेगी। इस दौरान भी केवल ग्रीन पटाखों (Green Crackers) के उपयोग की ही अनुमति होगी।
सुरक्षा के लिहाज से किसी भी संवेदनशील क्षेत्र जैसे—अस्पताल, नर्सिंग होम, हेल्थ केयर सेंटर, शैक्षणिक संस्थान (स्कूल-कॉलेज) और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की आतिशबाजी का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
30 अक्टूबर से मिलेंगे लाइसेंस, दुकानों के लिए कड़े नियम
पटाखा बिक्री के लिए जिन लोगों ने 15 दिनों के लिए ऑनलाइन आवेदन किए थे, उनकी जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक लाइसेंस प्रदान किए जाएंगे।
बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दुकानों के निर्माण के लिए निम्नलिखित गाइडलाइंस तय की गई हैं
*दुकानों की दूरी: पटाखों के भंडारण और बिक्री के लिए बनाए जाने वाले शेड (दुकानें) एक-दूसरे के आमने-सामने नहीं होंगे। दो दुकानों के बीच कम से कम 03 मीटर की दूरी होना अनिवार्य है।
*अग्निरोधी सामग्री: दुकानें लोहे की चद्दरों या अन्य तकनीकी रूप से गैर-ज्वलनशील (अग्निरोधी) सामग्री से बनाई जाएंगी। लकड़ी के रैक, कपड़े या शामियाने (टेंट) का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा।*
दुकानों की सीमा: किसी भी एक क्लस्टर या समूह में 50 से अधिक दुकानों को अनुमति नहीं दी जाएगी।*
प्रतिबंध: दुकानों में रोशनी के लिए तेल के दीपक, गैस लैंप, खुली मोमबत्ती या कपड़े का उपयोग नहीं होगा। बिजली की सुरक्षित व्यवस्था होगी और हर मास्टर स्विच के साथ फ्यूज या सर्किट ब्रेकर (MCB) लगा होना जरूरी है, ताकि शॉर्ट सर्किट होने पर बिजली अपने आप बंद हो जाए।
विषैले रसायनों और नाबालिगों को बिक्री पर रोक
प्रशासन ने साफ किया है कि पटाखों में बेरियम सॉल्ट जैसे जहरीले रसायनों और कैल्शियम कार्बाइड गन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अलावा, पटाखों की आवाज की तीव्रता प्रस्फोटन (फटने की) जगह से 4 मीटर की दूरी पर 125 dB(A) से अधिक नहीं होनी चाहिए। दुकानों पर नाबालिग बच्चों को पटाखे बेचना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कलेक्टर के निर्देशानुसार, पटाखा बाजार परिसर में 24 घंटे फायर ब्रिगेड (दमकल) की सुविधा मौजूद रहेगी। इसके साथ ही प्रत्येक लाइसेंसधारी दुकानदार को अपनी दुकान के सामने आग से सुरक्षा के लिए बालू (रेत) और पानी से भरी बाल्टियां रखनी होंगी। बिना स्थायी लाइसेंस के नवीनीकरण (Renewal) के कोई भी व्यवसायी आतिशबाजी की बिक्री नहीं कर सकेगा।
शहडोल से सत्येन्द्र सोनी

Views: 46


