शहडोल—–शहडोल जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण स्थानीय पोंडा नाला एक बार फिर पूरी तरह जलमग्न हो गया है। नाले का जलस्तर बढ़ने से सड़क पर कई फीट पानी जमा हो गया है, जिसके कारण क्षेत्र का यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। पानी का बहाव इतना तेज है कि यहां से गुजरना किसी बड़े खतरे से खाली नहीं है। इसके बावजूद, कई स्कूली बसें और वाहन चालक जान जोखिम में डालकर इस उफनते पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं।
पिछले साल हुआ था दर्दनाक हादसा, फिर भी नहीं लिया सबक यह पहली बार नहीं है जब पोंडा नाला स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बना हो। हर साल बारिश के मौसम में यहां यही नजारा देखने को मिलता है। पिछले साल पोंडा नाले में पानी के तेज बहाव के कारण एक कार डूब गई थी, जिसमें एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि कुछ लोगों के लापता होने की बात भी सामने आई थी। इतने बड़े हादसे के बाद भी प्रशासन और वाहन चालकों ने कोई सबक नहीं लिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि स्कूली बच्चों से भरी बसें और अन्य गाड़ियां अब भी इसी खतरनाक पानी के बीच से निकाली जा रही हैं।
वर्षों पुरानी समस्या का मिलेगा स्थायी समाधान: मानसून के बाद शुरू होगा काम इस गंभीर और बारहमासी समस्या को देखते हुए अब सालों पुराना इंतजार खत्म होने जा रहा है। रेलवे विभाग की ओर से पोंडा नाला ब्रिज निर्माण को हरी झंडी मिल गई है, जिससे क्षेत्र के लोगों में स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है।क्षेत्रीय रेल प्रबंधक (ARM) सोनालिका रिचंदानी के अनुसार, पोंडा नाला ब्रिज निर्माण कार्य को स्वीकृति मिल चुकी है। वर्तमान में बारिश के मौसम को देखते हुए मानसून के ठीक बाद इस ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। इस ओवरब्रिज (Slab Bridge) के बन जाने से भविष्य में बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या खत्म हो जाएगी और स्कूली बच्चों सहित आम जनता सुरक्षित आवाजाही कर सकेगी।
लेकिन जब तक इस ब्रिज का निर्माण नहीं होता तब तक प्रशासन को इस पोंडा नाला में 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था रखनी चाहिए जिससे कोई गंभीर हादसा ना हो!
शहडोल से सत्येन्द्र सोनी


