शहडोल। सड़क दुर्घटनाओं में घायल और बेसहारा मूक पशुओं के रेस्क्यू, त्वरित उपचार, आश्रय एवं संरक्षण की समुचित व्यवस्था की मांग को लेकर अटल कामधेनु गौसेवा संस्थान (कल्याणपुर) ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
संस्थान के प्रतिनिधि गौरव राखी मिश्रा ने बताया कि उनकी संस्था पिछले 10 वर्षों से घायल गोवंश व अन्य मूक पशुओं के रेस्क्यू एवं उपचार का कार्य कर रही है। वर्षा ऋतु के कारण वर्तमान में सड़क दुर्घटनाओं में अत्यधिक वृद्धि हुई है, जिससे रोजाना 8 से 10 घायल पशुओं का रेस्क्यू करना पड़ रहा है।
*प्रमुख मांगें एवं बिंदु:*
हाइड्रोलिक एम्बुलेंस और ईंधन व्यवस्था: जिला डीएमएफ (DMF) निधि से एम्बुलेंस हेतु राशि दिए जाने के 4-5 माह बीत जाने के बाद भी अब तक नगर पालिका द्वारा एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई है। संस्थान ने मांग की है कि जब तक एम्बुलेंस नहीं मिलती, तब तक उपयुक्त वाहन और वर्तमान में दिए जा रहे 60 लीटर ईंधन की जगह कम से कम 150 लीटर डीजल/पेट्रोल प्रतिमाह दिया जाए।
*सेवादारों एवं पशु चिकित्सक की नियुक्ति:*
घायल पशुओं की नियमित देखभाल के लिए नगर पालिका की ओर से 2 स्थायी सेवादार दिए जाएं। साथ ही, रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर पहुँचकर तुरंत इलाज करने हेतु समर्पित पशु चिकित्सक की नियुक्ति की जाए, ताकि समय पर इलाज न मिलने से होने वाली मौतों को रोका जा सके।
*डॉग शेल्टर का निर्माण:*
शहर में बेसहारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डॉग शेल्टर के निर्माण की मांग की गई है। संस्थान इसके संचालन और देखभाल की जिम्मेदारी जनसहयोग (क्राउड फंडिंग) से उठाने को तैयार है।
गो-अभयारण्य (Cow Sanctuary) की स्थापना: रीवा जिले के बसामन मामा व शिनौती क्षेत्र की तर्ज पर शहडोल में भी बड़े भूखंड पर फेंसिंग, चरनोई भूमि, जल एवं शेड युक्त विशाल गो-अभयारण्य स्थापित किया जाए।
आर्थिक अनुदान: घायल व बेसहारा पशुओं के उपचार, औषधि, चारा और आश्रय के लिए प्रशासन की ओर से नियमित आर्थिक अनुदान अथवा विशेष सहायता राशि प्रदान की जाए।
संस्थान ने कलेक्टर से जनहित और जीव-दया से जुड़े इन संवेदनशील विषयों पर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने की अपील की है।
शहडोल से सत्येन्द्र सोनी





