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मध्यप्रदेश के कर्मचारियों की ग्रेच्युटी सीमा बढ़ने की उम्मीद, फैसला जल्द

Posted on

January 23, 2025

by india Khabar 24

(कर्मचारी संगठन ने प्रदेश सरकार से ग्रेच्युटी सीमा में बढ़ोतरी करने की मांग की है। अगर उनकी मांगे मान ली जाती हैं, कर्मचारियों को सीधा 5 लाख रूपए का फायदा पहुंचेगा)

भोपाल केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को 53 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है जिसके बाद अब, मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को भी ग्रेच्युटी सीमा में बढ़ोतरी की उम्मीद है। वर्तमान में प्रदेश में ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपए है। राज्य सरकार ने अंतिम बार 2016 में ग्रेच्युटी सीमा में बदलाव किया था। अब कर्मचारी संगठन प्रदेश सरकार से इसे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो राज्य के कर्मचारियों को सीधे तौर पर 5 लाख रुपए का लाभ होगा।

एमपी में कैसे मिलता है ग्रेच्युटी?

मध्यप्रदेश में कर्मचारी की अंतिम सैलरी के आधार पर ग्रेच्युटी निर्धारित की जाती है। इसमें अंतिम सैलरी को 16 से गुणा किया जाता है, लेकिन इसकी सीमा अधिकतम 20 लाख रुपए है। केंद्र सरकार द्वारा ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने के बाद मध्यप्रदेश में भी इसे 25 लाख रुपए किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
राज्य कर्मचारी संघ के महामंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। पड़ोसी राज्यों जैसे राजस्थान में पहले ही ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाई जा चुकी है। मध्यप्रदेश के कर्मचारी DA में केंद्र के कर्मचारियों से केवल 3% पीछे हैं। माना जा रहा है कि अगस्त में DA समान होने के बाद ग्रेच्युटी पर भी सरकार विचार कर सकती है।

पुरानी पेंशन और ग्रेच्युटी की मांग

प्रदेश में कर्मचारियों द्वारा पुरानी पेंशन योजना की बहाली और ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने जैसी 51 सूत्रीय मांगें उठाई जा रही हैं। कर्मचारी संघ का कहना है कि इन मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। ग्रेच्युटी का लाभ सिर्फ सरकारी नहीं, बल्कि प्राइवेट कर्मचारियों को भी मिलता है। हालांकि, इसके लिए न्यूनतम 5 साल तक एक ही कंपनी में सेवा अनिवार्य है। प्राइवेट सेक्टर में ग्रेच्युटी की सीमा नौकरी छोड़ने, रिटायरमेंट, या कंपनी की नीतियों पर निर्भर करती है।

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January 23, 2025

by india Khabar 24

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