शहडोल / उमरिया अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में योग्यता के बजाय रिश्तेदारी को प्राथमिकता दिए जाने के लगातार लग रहे आरोप। बड़वाही प्रभारी प्राचार्य पर यह आरोप है कि वे स्टाफ के रिश्तेदारों को अतिथि शिक्षक पद दिलाने के लिए योग्य एवं पूर्व से कार्यरत उम्मीदवारों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, बड़वाही स्टाफ के कर्मचारी शिक्षक राजबहादुर पाल अपने भाई जो की अंग्रेजी विषय के लिए रखा गया है, पन्ना जिले से बुलवाकर प्राचार्य के साथ सांठ-गांठ कर इस मामले में पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षक जितेंद्र कुमार राय योग्य और अनुभवी शिक्षक को जानबूझकर अनदेखा किया गया। जिससे उनके भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है।
यह स्थिति तब और गंभीर हो गई जब माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना का आरोप भी सामने आया। वहीं पर पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षक जितेंद्र सिंह खैरवार जो की भूगोल पैनल से थे, उनका परीक्षा परिणाम भी गत वर्ष संतोषजनक 85% था,को बाहर का रास्ता दिखा कर माननीय उच्च न्यायालय के फैसले का उल्लंघन किया गया इनके जगह रूपेश साहू जिनका इससे पहले 0% परीक्षा परिणाम था, को बड़वाही प्राचार्य द्वारा अतिथि शिक्षक अर्थशास्त्र के लिए रखा गया है और विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा भी बिना जांच और निरीक्षण के वेतन भी आहरित करवा दिया गया है।
उच्च न्यायालय ने पूर्व में यह निर्देश दिया था कि सभी भर्तियाँ पारदर्शी और योग्यता आधारित होनी चाहिए। पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षक को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके बावजूद, भर्ती प्रक्रिया में पक्षपात और अनियमितता के मामले उजागर हो रहे हैं।
योग्य अतिथि शिक्षक नाराज, कार्रवाई की माँग
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भर्तियों में अनियमितता से नाराज शिक्षकों का कहना है कि यह न केवल उनके अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि शिक्षा के स्तर को भी प्रभावित करेगा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जाँच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
न्याय की उम्मीद
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योग्य उम्मीदवारों को अब उच्च न्यायालय और प्रशासन से न्याय की उम्मीद है। यह देखना बाकी है कि प्रशासन कब तक इस मामले पर कोई ठोस कदम उठाती है कि नहीं। शहडोल से फरीद खान की रिपोर्ट





