दुलीचंद मार्को संवाददाता
निवास: मंडला आदिवासी बाहुल्य जिला धार्मिक, मान्यताओं के साथ ही पुरानी सांस्कृतिक रीति रिवाज के लिए भी चर्चित है। जहा पर कृषि भी पूर्वजों के रीति रिवाज के अनुसार आज भी की जाती है। लेकिन मंडला जिले के निवास विकाश खंड के अब कृषक बीज के लिए कृषि केन्द्र निवास के चक्कर आए दिन काट रहे पर उन्हें बीज नही मिल पा रहा है।

दरअसल निवास जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली 35 ग्राम पंचायत है जिनके अंतर्गत आने वाले ग्रामों की कृषक अपने खेतों पर हल चलाकर बोनी के लिए तैयार कर अब बीज के लिए भटक रहे हैं।
किसानों का कहना है। कि इस समय ज्यादा तर हमारे खेतों में बोई जाने वाली फसलें गेहूं,दलहन , अलसी सरसों है, जिनके लिए बोनी करने का सही समय है, यह सारी फसलें हमारे गांव रीति के चलते दीपावली से पहले ही बोनी हो जानी चाहिए । लेकिन शासन द्वारा चलाई जा रही शासकीय योजना जिसमें उन्नत किस्म के उपचारिक बीज किसानों को वितरण कर अधिक पैदावार के साथ किसान हित करना भी है।
लेकिन मंडला में बैठे अधिकारीयों के मनमाने रवैए के चलते बीज अभी तक नहीं पहुंचा जिसके कारण किसानों की खेतों में बीज बोने का कार्य रुका हुआ है। हम किसान अपने खेत में अगर देर से बोनी करते हैं। तो जब फ़सल में फूल आने (गर्भ) के समय तेज ठंड शीतलहर के कारण फ़सल कमजोर हो जाती है। जिसके कारण किसानों को फसल में बहुत ही नुकसान होता है। लेकिन जिला में बैठे अधिकारीयों की लापरवाही का खामयाजा हमें किसानों को भुगतना पड़ रहा।
इनका कहना है।
पूरे मामले को लेकर मधु अली का कहना है ,कि मंडला जिला सहित सभी ब्लांक के कृषि विभागों में बीज, मंसूर, अलसी, सरसों 2 से 4 दिनों में ही पहुंचा दिया जाएगा, बीज बाहर से आने के कारण समय लग रहा है।
डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर मंडला





