शहडोल। मध्य प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप नियमों का उल्लंघन करने वालों और अवैध व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों के खिलाफ प्रशासन एवं हाउसिंग बोर्ड ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई की शुरुआत की है। हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में वर्षों से चल रहे नियमों के उल्लंघन पर जिम्मेदार अधिकारियों ने सीधा एक्शन लिया है, जिससे आवासीय परिसरों का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वाले संपत्ति मालिकों में हड़कंप मच गया है।
आवासीय भवनों में नियमों को ताक पर रखकर दुकान, क्लीनिक, कोचिंग संस्थान व अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों को चिह्नित करते हुए बोर्ड द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
📋 कार्रवाई की मुख्य बातें
• चिह्नित आवास: विशेष सर्वे अभियान के तहत आधा सैकड़ा (50) से अधिक ऐसे आवासों को रंगे हाथों चिह्नित किया गया है, जिनका धड़ल्ले से व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था।
• अंतिम तिथि: हाउसिंग बोर्ड शहडोल के संभागीय संपदा अधिकारी आर.पी. वर्मा के अनुसार, सभी मकान मालिकों को नोटिस जारी कर 25 अक्टूबर तक जवाब-तलब किया गया है।
• कठोर दंडात्मक कार्रवाई: यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक और वैधानिक जवाब नहीं मिला, तो सीधे लीज निरस्त कर संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
• पूरे प्रदेश में अभियान: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह व्यापक अभियान केवल शहडोल ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मध्य प्रदेश में चलाया जा रहा है।
नोटिस हाथ में आते ही मकान मालिकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल है। हालांकि कुछ लोग शमन शुल्क (कंप्रोमाइज फीस) व नियमतीकरण का बहाना खोज रहे हैं, लेकिन शासन और हाउसिंग बोर्ड अधिकारियों का रुख पूरी तरह साफ है कि नियमों से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शहडोल से सत्येन्द्र सोनी



