नरसिंहपुर | आगामी शारदीय नवरात्र और दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए नरसिंहपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक संपन्न हुई, जिसमें सुरक्षा, यातायात, बिजली, स्वास्थ्य और विसर्जन व्यवस्थाओं को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
मिट्टी की प्रतिमाओं पर जोर, POP पर सख्त रोक
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में केवल मिट्टी से निर्मित दुर्गा प्रतिमाओं की ही बिक्री और स्थापना होगी। पीओपी (Plaster of Paris) की मूर्तियों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके लिए तहसीलदार और नगरपालिका अधिकारियों की संयुक्त टीम जांच करेगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी मिट्टी की मूर्तियां ही खरीदने की अपील की है।
पंडालों के लिए कड़े सुरक्षा नियम
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24 घंटे CCTV निगरानी: सभी दुर्गा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाना और 24 घंटे निगरानी रखना अनिवार्य होगा।
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वॉटरप्रूफ व्यवस्था: मौसम को देखते हुए पंडालों को वॉटरप्रूफ रखने और निर्धारित स्थानों पर ही प्रतिमाएं स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यातायात प्रभावित न हो।
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जबरन चंदा वसूली पर रोक: चंदे के नाम पर किसी से भी जबरदस्ती करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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आयोजकों की जानकारी: पंडाल समितियों को अपने पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर और दैनिक कार्यक्रमों की सूची प्रशासन व पुलिस को सौंपनी होगी।
लाउडस्पीकर और सुरक्षा व्यवस्था
ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए लाउडस्पीकर केवल पूर्व अनुमति और निर्धारित ध्वनि सीमा में ही बजाए जा सकेंगे। आपत्तिजनक गीतों के प्रसारण पर सख्त पाबंदी रहेगी। बिजली विभाग को पंडालों में अस्थायी कनेक्शन देने और विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सदर मढ़िया सहित जिले के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
विसर्जन स्थलों पर मुस्तैद रहेंगे तैराक और मेडिकल टीम
दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित नर्मदा तटों और कुंडों पर कराया जाएगा।
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विसर्जन स्थलों पर तैराक, पुलिस बल, एम्बुलेंस, डॉक्टर और आवश्यक दवाएं तैनात रहेंगी।
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श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी।
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विसर्जन जुलूस और अखाड़ों में आग्नेय (अग्निशस्त्र) एवं धारदार हथियार ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
दशहरा पर्व पर रावण दहन का स्थान भी सुरक्षा और यातायात को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा। कलेक्टर ने शांति समिति के सदस्यों और नागरिकों से त्योहारों को भाईचारे व सौहार्द के साथ मनाने का आह्वान किया है।




