दुलीचंद मार्को की रिपोर्ट
निवास/मंडला: गोंडवाना महासभा मध्य प्रदेश जिला मंडला ब्लॉक नारायणगंज शाखा छपरा के तत्वाधान में सामूहिक छठी बरसा (नामकरण) कार्यक्रम 22 मार्च 2024 को हाई स्कूल छपरा ग्राउंड में आयोजित किया गया।

यह है कि समस्त मातृशक्ति एवं पितर शक्तियों को अवगत हो कि आदिवासी समाज की परिस्थिति और एकता के लिए सामूहिक चौंक बरसा का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें 18 बच्चों का नामकरण किया गया।
जिसमें कार्यक्रम अध्यक्ष_ तिरु. कलीराम परस्ते,कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तिरु. प्रेम शाह मरावी गोंडवाना स्वर लहरी एवं तिरु.जगदीश कुंजाम जिला अध्यक्ष जबलपुर।तिरु. चैन सिंह वरकड़े विधायक निवास, तिरु. जालम सिंह उइके भुमक संघ जिला अध्यक्ष मंडला,
विशिष्ट अतिथि एम.एस. कुलस्ते जी ,एडवोकेट फतेह सिंहउइके जी अधिवक्ता संघ डिंडोरी, आमंत्रित अतिथि कमलेश शाह करचाम भूमक संघ जिला डिंडोरी एवं सुग्रीव सिंह नर्रेती जी , कृष्ण परते जी भूमक संघ मंडला, नरेंद्र भवेदी जी भूमक संघ ब्लॉक अध्यक्ष नारायणगंज तिरु. घनश्याम कुमरे ब्लॉक अध्यक्ष निवास ।

आयोजन कमेटी_
तिरुमाय _परमीबाई परस्ते सरपंच
हेम सिंह पट्टा, लम्मु सिंह पंद्राम, जयपाल मरावी, पंचम सिंह चेचाम, संदीप परस्ते gsu ब्लॉक अध्यक्ष नारायण गंज , मनोज पट्टा ,
मंच संचालक _देवेन्द्र परस्ते कार्यक्रम में उपस्थित मातृशक्ति पितृ शक्ति एवं सगाजन के बीच में प्रस्तावना के रूप में एम एस कुलस्ते ने आदिवासी समाज के बारे में बात रखा गया जोकि आने वाले समय में समाज के लिए बहुमूल्य साबित होगा। साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित तिरु .जगदीश कुंजाम के द्वारा समाज में समाज की शक्तियों के बारे में और देवी देवताओं के बारे में सटीक ढंग से रखा, जो समाज को एक धागा में बांधने के लिए एक नेंग सेंग में चलने के लिए जो बात कही वह एक समाज की ताकत होगी ।
साथ ही इसी क्रम में प्रेम सिंह मरावी के द्वारा भी आदिवासी समाज की परंपरागत रीति रिवाज आर्थिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, धार्मिक तमाम विषयों पर अपने वक्तव्य रखा।
उन्होंने कहा कालांतर की जो समाज की सिस्टम और वर्तमान दृष्टि में साइंस की दुनिया में गोंडवाना संस्कृति की क्या योगदान है क्या गोंडवाना संस्कृति साइंस को कॉन्सेप्ट करती है और अनेक विषयों पर बात रखते हुए जो समाज के लिए एक महत्वपूर्ण है स्वर लहरी के द्वारा जीवन में पढ़ाई का क्या महत्व है और समाज में पढ़ाई करने में क्या महत्व है और अन्य जैसे विषय जीवन में रीना ,दरिया, कर्मा , शैला, का क्या महत्त्व है पेन पुरखा समाज में नेंग सेंग कालांतर में क्या था और वर्तमान में क्या है तमाम विषयों पर अपनी वक्तव्य को स्पष्ट रूप से सार्वजनिक करके और समाज को शिक्षा और संस्कार की जरूरत है। ऐसी विषयों पर बोलकर विस्तृत ढंग से समझाने का प्रयास किया है। मरावी जी का मानना है कि हमारा समाज कालांतर में शासक हुआ करता था अगर हम एक विचारधारा एक संस्कार एक रीति रिवाज एक ही दर्शन पर चलते हैं तो हमारा समाज वर्तमान में भी शासक के रूप में देखने को मिलेगा ऐसी तमाम बिंदुओं पर स्वर लहरी ने अपनी बात रखी है।
इस कार्यक्रम में उपस्थित तमाम अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता धार्मिक कार्यकर्ता और मातृशक्ति पितृशक्ति नन्हे मुन्ने बच्चे आपने कार्यक्रम में आकर इस कार्यक्रम को सफल बनाया हमारा कमेटी हम आप सब की आभारी हैं।





