
शहपुरा प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना जिसका उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार देना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली मैं पारदर्शिता लाना इस योजना को शहपुरा में भ्रष्टाचार और लापरवाही का शिकार बनाया जा रहा है ।
शहपुरा में निगरानी गोदाम से उचित मूल्य की दुकानों तक नियत रूप से अन्नदूत वाहन में ओवरलोडिंग कर खाद्यान्न का परिवहन जो की योजना के दिशा निर्देशों के स्पष्ट उल्लंघन के अंतर्गत आता है योजना के तहत प्रत्येक अन्नदूत वाहन की अधिकतम लोडिंग क्षमता 7.5 मेट्रिक टन (7500 किलोग्राम )निर्धारित है और इन्हीं मानकों के आधार पर 65 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाता है ।

लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है शहपुरा में प्रतिदिन उचित मूल निगरानी गोदाम से 10 टन से भी अधिक खाद्यान्न लोड हो रहा है स्थानीय सूत्रों और लगातार मिल रही शिकायतों के अनुसार गोदाम प्रभारी अन्नदूत वाहन संचालक कंप्यूटर ऑपरेटर की मिली भगत से यह ओवरलोडिंग का खेल लंबे समय से बेरोकटोक चल रहा है ।
मीडिया ने कई बार इस विषय को अधिकारियों के सघन में लाया गया लेकिन ऊपर से लेकर नीचे तक की मिली भगत के कारण सरकार को लाखों का चूना लगाया जा रहा है ।हां इतना जरूर है कि कागज में सभी खानापूर्ति देखने को मिलती है
मुख्यमंत्रीअन्नदूत योजना में लगे विकासखंड शहपुरा में दो वाहन खाद्यान्न ढुलाई के कार्य में लगे हुए हैं इनका मध्य प्रदेश सरकार के साथ एग्रीमेंट वाहन सहित भार क्षमता मात्र 60 टन अर्थात 75 क्विंटल है लेकिन इनमें 10 से 13 टन अर्थात 100 से 130 क्विंटल अनाज खुलेआम कांटा पर्ची के साथ ढोया जाता है ऐसा नहीं है कि किसी को यह जानकारी ना हो सभी खाद्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारीयो की मिली भगत से यह कार्य सरेआम किया जा रहा है वाहनों में अन्नदूत योजना लिखकर नियमों की धज्जियां उड़ाने की खुली छूट शहपुरा में लगे अन्नदूत योजना वाहनों को दी गई है सवाल यह उठता है कि यह वाहनों से अनाज ढुलवाया जाता है तो ओवरलोड क्यों करवाया जाता है जबकि नागरिक आपूर्ति नियम में पंजीकृत वाहनों को भाड़ा दिया जाता है ज्यादा भाड़ा कमाने हेतु ओवरलोड किया जाता है जिस वाहन को दो बार खाद्यान्न पूर्ति के लिए उसे स्थान को जाना चाहिए लेकिन एक ही बार में दो बार का माल लोड किया जाता है और भाड़ा बिल भुगतान दो बार का किया जाता है । शहपुरा तहसील खाद्यान्न विभाग के अधिकारी कुंभकरनी निंद्रा में क्यों व्यस्त हैं नागरिक आपूर्ति निगम कांटा पर्ची के आधार पर भाड़ा देता है और वेयरहाउस माल लोड करवाता है अन्नदूत योजना के वाहनों में खुलेआम ओवरलोड करके जिसकी गवाही कांटा पर्ची स्वयं दे रही है फिर भी नियमों को तक पर रखकर यह परिवहन कार्य किया जा रहा है वाहनों में सबुत की आवश्यकता नहीं है क्योंकि कांटा पर्ची फोटो वीडियो बता रही है कि कितना ओवरलोड है





