
छिंदवाड़ा/ग्रामीण TRUTH जिला ब्यूरो सुनीता सोमकुंवर
छिंदवाड़ा . बाल विवाह भारतीय लोकजीवन की उन्नत तस्वीर पर बदनुमा दाग की तरह है,एक तरफ हमारी सांस्कृतिक चेतना बच्चों में भगवान का अक्स देखती है दूसरी तरफ बाल विवाह, मौजूदा समाज की चेतना में उदासीनता का स्थायी भाव बेहद दुःखद है। हर जिले में बाल विवाह प्रतिषेध कानून के तहत एक अधिकारी को प्रभारी बनाया गया है जिसे बाल विवाह के मामले में पुलिस की तरह गिरफ्तारी तक के अधिकार प्रावधानित है ।बाल विवाह की सूचना के लिए टोल फ्री नम्बर 181,112, ओर1098 पर दे सकते ,सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाता हे । इन सभी विषयो पर जानकारी देने ,महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ब्रजेश शिवहरे के निर्देशन एवं परियोजना अधिकारी अभिषेक वर्मा के मार्ग दर्शन मे जागरूकता कार्यक्रम डी पी मिश्रा उ.मा.विध्यालय कुंडा विकास खंड चोरई मे किया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता शयामल राव ने उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बताया की बाल विवाह प्रतिषेद अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह करना एवं करवाना कानुनन अपराध हे ।
एसा करने वाले व्यक्ति को दो लाख का जुर्माना एवं एक वर्ष की कठोर सजा का प्रावधान हे ,वही सामूहिक विवाह आयोजनों में अगर बाल विवाह की घटनाएं होती है तो आयोजकों के विरुद्ध भी सख्त कारवाई इस कानून के तहत सुनिश्चित की जाती है। बाल विवाह प्रतिषेध कानून भारत के सभी नागरिकों पर लागू है इसलिए कोई सम्प्रदाय विशेष इस कानून से परे होने का दावा कोई नही कर सकता है ,वही बाल विवाह करने के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुये कहा की इन दुष्प्रभाव के कारण हमारे जन्मे बच्चों पर भी बुरा असर देखने को मिलता है, इस बाल अवस्था मे हम अपनी ,शिक्षा ,एवं स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए बाल विवाह पर आधारित पांपलेट दिया गया ।कार्यक्रम उपरांत उपस्थित छात्राओ ,को बाल विवाह रोकने शपथ दिलाई । आयोजन को सफल बनाने मे शिक्षक अजीत सिंह चौधरी, सरन शर्मा, कृष्ण कुमार कुड़ापे,निधि दुबे,शीतल शर्मा, मुनमुन सोनी,करिष्मा बैश,सीमा श्रीवास, रानी सोनी,सोनल यादव का सराहनीय सहयोग रहा ।





