(मध्यप्रदेश के लाखों कर्मचारियों के करोड़ों रुपए अटके पड़े हैं। कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद भी उन्हें यह राशि नहीं दी जा रही है)
भोपाल मध्यप्रदेश के लाखों कर्मचारियों के करोड़ों रुपए अटके पड़े हैं। कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद भी उन्हें यह राशि नहीं दी जा रही है। प्रदेश के आउटसोर्स और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के साथ यह नाइंसाफी की जा रही है। सन 2024 में उनके वेतन बढ़ाने के आदेश जारी किए गए थे। इसपर अमल करते हुए वेतन में तो बढ़ोत्तरी की गई लेकिन 11 माह के एरियर की राशि नहीं दी गई। लेबर कोर्ट के आदेश के बाद भी ज्यादातर कर्मचारियों को एरियर नहीं मिल सका है।
एमपी में आउटसोर्स और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का कोर्ट के आदेश के बाद वेतन बढ़ाया गया था। कोर्ट के फैसले पर अमल करते हुए श्रमायुक्त ने सभी कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन देने के साथ 11 महीने का एरियर भी देने का निर्देश जारी किया था। फैक्ट्री मालिकों और ठेकेदारों ने कर्मचारियों का वेतन तो बढ़ा दिया लेकिन नहीं दिया।





