जबलपुर कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना ने जिले के राजस्व रिकार्ड को आधुनिकतम रूप में लाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। उनके प्रयासों से राजस्व अभिलेखागार को नया जीवन मिला है और अब आमजन को राजस्व अभिलेख की नकल प्राप्त करने में आसानी होगी। और जिले के राजस्व रिकार्ड को नवजीवन मिला है। जिसे देखने के लिए आज सांसद श्री आशीष दुबे, विधायक श्री अशोक रोहाणी, श्री नीरज सिंह ठाकुर व श्री संतोष बरकड़े राजस्व अभिलेखागार पहुंचे। राजस्व अभिलेखागार के नवीनतम स्वरूप को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि जनता से जुडे़ राजस्व रिकार्ड को आधुनिकतम रूप में लाने का यह कार्य प्रशंसनीय है। पूरे मध्यप्रदेश में रिकार्ड रूम का ऐसा ही संधारण होना आवश्यक है ताकि आमजन को राजस्व अभिलेख की नकल प्राप्त करने में कोई दिक्कत न हो। कलेक्टर श्री सक्सेना ने कहा कि पहले राजस्व रिकार्ड रूम बहुत ही अस्त-व्यस्त रूप में था, जिसे वे व्यवस्थित करने का प्रयास किये हैं। साथ ही सभी रिकार्डों को स्कैन कर ऑनलाइन भी किया गया है। कोई भी व्यक्ति उक्त रिकार्ड की स्थिति के बारे में घर बैठे पता कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहले राजस्व अभिलेख की नकल प्राप्त करने में काफी समय लगता था, लेकिन अब आम जन को सहजता से वांछित रिकार्ड सुलभता के साथ उपलब्ध हो सकेंगे। अपडेटेड राजस्व रिकार्ड रूम में 1909-10 से अभिलेख उपलब्ध हैं, जो अब सहजता से कम्प्यूटर के माध्यम से उपलब्ध हो सकेंगे।
मुख्य बिंदु:
– राजस्व रिकार्ड का संधारण: कलेक्टर श्री सक्सेना ने राजस्व रिकार्ड को व्यवस्थित करने का प्रयास किया है और सभी रिकार्डों को स्कैन कर ऑनलाइन किया गया है।
– आमजन को सुविधा: अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे राजस्व रिकार्ड की स्थिति के बारे में पता कर सकता है और वांछित रिकार्ड सुलभता के साथ उपलब्ध हो सकेंगे।
– अन्य जिलों में भी चर्चा: जिले में राजस्व रिकार्डों के संधारण के लिए किये गये प्रयास की चर्चा अन्य जिलों में भी है और दमोह कलेक्टर के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर श्री ब्रजेश सिंह ने राजस्व रिकार्ड संधारण की पूरी प्रोसेस को देखा और समझा।
कलेक्टर श्री सक्सेना की पहल का महत्व
कलेक्टर श्री सक्सेना की पहल से राजस्व रिकार्ड में सुधार हुआ है और आमजन को सुविधा मिली है। यह पहल अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण है और राजस्व रिकार्ड के संधारण के लिए एक मॉडल के रूप में काम कर सकती है।





