चांपा में सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित15 पंचो ने की कार्रवाई की मांग

Posted on

February 19, 2025

by india Khabar 24

फरीद खान/शहडोल। सोहागपुर जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत चांपा में सरपंच उमा सिंह मार्को के खिलाफ पंचगणों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पारित किया गया है। पंचगणों ने प्रशासन से मांग की है कि सरपंच को पद से हटाने के लिए मतदान की अधिसूचना जारी की जाए। यह मामला धार जिले की ग्राम पंचायत वायल में हुए घटनाक्रम जैसा ही है, जहां सरपंच गजानंद मुवेल के खिलाफ पंचों ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव पारित किया था। वहां प्रशासन ने प्रक्रिया अपनाते हुए सरपंच को पद से हटा दिया और नए सरपंच का निर्वाचन हुआ। अब चांपा में भी पंचगणों की ओर से प्रशासन से कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।

पंचगणों ने लगाए गंभीर आरोप

ग्राम पंचायत चांपा के पंचगणों का आरोप है कि सरपंच पंचायत के कार्यों में रुचि नहीं ले रही हैं, वे बिना परामर्श शासकीय राशि का उपयोग कर रही हैं और कई प्रस्ताव बिना पंचगणों की सहमति के पारित किए गए। इसके अलावा, ग्राम सभा और पंचायत बैठकों में भी उनकी उपस्थिति नगण्य रही है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। पंचगणों ने शासकीय भूमि पर कब्जा कराने, हितग्राही योजनाओं में लापरवाही और पंचायत विकास कार्यों में अनियमितता के भी आरोप लगाए हैं।

पारित हुआ अविश्वास प्रस्ताव

पंचगणों ने 3 फरवरी 2025 को पंचायत सचिव को पत्र लिखकर विशेष बैठक बुलाने की मांग की थी। पंचायत सचिव द्वारा अनुरोध स्वीकार किए जाने के बाद, 9 फरवरी 2025 को ग्राम पंचायत भवन में बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम पंचायत चांपा के कुल 18 निर्वाचित पंचों में से 15 पंचगण उपस्थित रहे, जबकि तीन पंच और स्वयं सरपंच अनुपस्थित रहीं। बैठक की अध्यक्षता वार्ड क्रमांक 1 की पंच नान बाई सिंह गोंड ने की। बैठक के दौरान उपसरपंच आरवेंद्र सिंह ने सरपंच के कार्यों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच ने पंचायत नियमों का उल्लंघन किया, विकास कार्यों में बाधा डाली और संहिता के नियमों का पालन नहीं किया। इसके बाद, 15 पंचों ने सर्वसम्मति से सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया।

अधिसूचना जारी करने की मांग

अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद पंचगणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सोहागपुर को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 21 के तहत सरपंच को पद से हटाने के लिए मतदान की अधिसूचना जारी करने की मांग की है। अब सभी की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या निर्णय लेता है और पंचायत में आगे क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।

इनका कहना है

मेरे पास यह शक्तियां नहीं हैं कि मैं सीधे सरपंच को हटा सकूं। मैंने पूरा रिकॉर्ड मंगवाया है और जांच की जा रही है कि किस आधार पर सरपंच को हटाया जा सकता है।

अरविन्द शाह
एस डी एम, सोहागपुर

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February 19, 2025

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