
सिवनी//विकास खंड घंसौर अंतर्गत आने वाली अधिकांश ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हें बताया जा रहा है कि ज्यादातर पंचायतों में फर्जी बिल लगाए जा रहे हें ऐसी ही एक ग्राम पंचायत कहानी का प्रकाश में आया है जिसको लेकर ग्रामीण विगत 26 जून को कार्यालय जनपद पंचायत घंसौर पहुंचे और उन्होंने मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रद्धा सोनी को हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर आवेदन दिया गया। सौंपे गये आवेदन में संबंधितों पर आरोप लगाया जा रहा है कि ग्राम पंचायत कहानी सरपंच उपसरपंच द्वारा स्ट्रीट लाइट के भारी भरकम स्टीमेट एमपीईबी से बनवाकर स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर लंबी रकम आहरण कर ली गई है जबकि उक्त कार्य स्टीमेट के अनुसार नहीं किया गया है और न ही उसका संबंधित उपयंत्री से इसका मूल्यांकन कराया गया है जो आर्थिक अनियमित की श्रेणी में आता है।
ग्राम पंचायत कहानी की नल जल योजना विगत कई माह से बंद पड़ी हुई है वावजूद उसके ग्राम कहानी के ओम प्रकाश सेन एवं रामकुमार उड़के के नाम पर उनके खातों पर लंबी चौड़ी रकम कर्मचारी भुगतान के नाम पर डालकर सरपंच उपसरपंच द्वारा राशि निकाल कर गवन किया गया है। 26 जनवरी 2023 एवं 15 अगस्त 2023 राष्ट्रीय पर्व में खर्च के नाम पर भारी-भरकम राशि खर्च की गई जिसमें ₹25000 टेंट एवं ₹25000 बूंदी प्रसाद के नाम पर खर्च किया गया है इसी तरह 26 जनवरी 2024 में भी टेंट एवं प्रसाद के नाम पर अनैतिक एवं व्यर्थ का खर्च बताकर फर्जी बिल लगाकर राशी आहरण की गई है। नल जल योजना रिपेयरिंग मरम्मत के नाम पर 14 लाख 50 हजार रुपए का स्टीमेट पीएचई विभाग से सरपंच द्वारा तैयार कराया गया था जिसमें नाम मात्र के कार्य कराकर पूरी राशी फर्जी बिल लगाकर आहरण कर ली गई है।
ग्राम कहानी के पुराने बोर को रिबोर के नाम पर ₹155000 की राशि का फर्जी बिल लगाया गया है जिसमें केशिंग एवं रिवोर के मनमाने दाम जोड़े गए हैं जोकि पूर्ण रूप से फर्जी है बैठकी बाजार एवं मवेशी बाजार वर्ष 2023 एवं 2024 में ठेकेदारों से सरपंच सचिव द्वारा ऊपर ही ऊपर राशि लेकर भारी भ्रष्टाचार किया गया है पूर्व में मवेशी बाजार को ठेकेदार द्वारा किस्त ना पटाए जाने के कारण मवेशी बाजार ग्राम सभा में निरस्त कर दी गई थी उसके बाद भी ठेकेदार की बाजार निरस्त ना करके उससे सरपंच द्वारा ऊपरी तौर पर मोटी रकम की सैटिंग कर बाजार उसी ठेकेदार के हाथ से वसूल करवा कर राशि का भ्रष्टाचार किया जा रहा है इसके अलावा और भी कई शासकीय योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गये हें। परंतु चार से पांच महीने बीत जाने के बाद भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी घंसौर के द्वारा जांच नहीं की गई है जिस पर संरक्षण एवं आशीर्वाद नजर आ रहा है।
इनका कहना है
आर एल डेहलिया खंड पंचायत अधिकारी घंसौर
सचिव को दस्तावेज सहित बार-बार उपस्थित होने को बोला गया परंतु मेडिकल उपचार बस उपस्थित नहीं हुई थी, सचिव की पंचायत में उपस्थिति हो चुकी है जल्द जांच कर कार्रवाई की जाएगी।





