लालबर्रा।

ग्राम पंचायत पांढरवानी जिसे मुख्यालय से लगा हुआ गांव नहीं कह सकते बल्कि यह कह सकते हैं कि मुख्यालय ही है, जहां पर तहसीलदार, थानेदार और कई अधिकारी निवास और अपनी ड्यूटी करते हैं, बावजूद सरेआम खनन होना आम जनता की समझ से परे है। मामला ऐसा है कि नरेंद्र जायसवाल कृषक के खेत में खनन माफिया अपनी मर्जी से घुस गए और 2 दिनों तक लगातार मिट्टी और मुरम का खनन किया, हौसले देखो माफिया के इतने बुलंद है कि किसी के खेत में भी जाकर कुछ भी कर सकते हैं जिसकी शिकायत कृषक द्वारा लालबर्रा थाने में कर दी गई है। बावजूद खनन करवाने वाले फुंडेकर और उनके साथियों पर पुलिस प्रशासन और राजस्व नकेल कसने में नाकाम साबित हो रहा है।
चारों खूंट खनन ही खनन, माफियाओं के साथ यारी – नोट है प्यारी,,
माफियाओं का अवैध खनन है धंधा- खनिज विभाग बना अंधा
खनिज सहित, राजस्व, पुलिस सब मौन ,,
बालाघाट जिले के लालबर्रा क्षेत्र अंतर्गत चारों खूंट खनन ही खनन हो रहा है। जिम्मेदार कर्मचारी अधिकारी मामला संज्ञान में लाने के बाद भी मौन रहते हैं, इससे आप क्या अंदाजा लगा सकते हैं। कार्यवाही शून्य,,, कहीं तो किसान की बिना अनुमति के उसके खेत में खनन किया जा रहा है। मिट्टी, रेत भसवा का जेसीबी मशीन से खुदाई कर डंफर ट्रैक्टर ट्राली से परिवहन किया जा रहा है। पनबिहरी रोड़ साल्हे (चि.) में, जाम में, नेवरगांव (वा.), खमरिया, तहसील कार्यालय के आगे टूटे पुलिया सर्राटी नदी में बोरी बल्हारपुर रोड़ पर व क्षेत्र के अन्य कई स्थानों से इन दिनों अवैध खनन व परिवहन दिन और रात बराबर जोरों पर चल रहा है। जहां अवैध खनन करने वाले खनन माफियाओं को जिम्मेदार कर्मचारियों अधिकारियों का कोई डर नहीं है। स्थानीय लालबर्रा नगर, पनबिहरी के कुछ ट्रैक्टर दिन में तो कुछ रात में अवैध खनन कर परिवहन कर रहे हैं, जिसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को है फिर भी कोई कार्रवाई नहीं सब मौन। कार्रवाई के लिए अपना पल्ला झाड़ते हुए एक दूसरे विभाग को जिम्मेदार बताते हुए व्यस्त हैं बताया जाता है।





