दुलीचंद मार्को संवाददाता

निवास/मंडला: जिले के तहसील निवास विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय निवास में लाखों के गवन मामले में लिप्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती शोभा अय्यर चेट्ठी को शासन ने कोई सजा मिली नहीं और विभाग द्वारा कोई कार्यवाही भी नहीं की गई, बल्कि लगभग 46 लाख के आसपास गबन मामले में दोषी पाए जाने के बाद भी और मामला दर्ज होने के बाद 1 माह फरारी, फिर कोर्ट से अग्रिम जमानत के बाद आज उन्हें प्राचार्य ग्रेड वन के पद पर पदोन्नति किया गया।
जहां एक ओर मामला दर्ज होने के बाद और भ्रष्टाचार में लिप्त होने के बाद शासन को इन पर कठोर कार्रवाई कर इन्हें निलंबित करना था या अन्य तरह के अनुशासनात्मक कार्रवाई करना था वह कार्यवाही तो की नहीं गई और निवास विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हुए लाखों की भ्रष्टाचार के बाद इन्हें आज पदोन्नति किया गया,
एक और खास बात देखने को मिली कि 09 अक्टूबर 2024 को पूरे दिन विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में यह कागज देखती रही सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक बी ई ओ कार्यालय मे ये क्या करती रही, इन्हें किसी उच्च अधिकारी से या कोर्ट से आदेश मिला है कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जाकर अपने कार्यकाल में किए गए भ्रष्टाचार के कागजात ले लें या वर्तमान विकासखंड शिक्षा अधिकारी को ऐसा कोई आदेश मिला है, कि यह दिनभर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में रहकर और अपने मामले से संबंधित कागजात प्राप्त करने या फिर शासन से खुली छूट मिली हुई है।
दरअसल यह बात समझ से परे है वही एक और मामला संज्ञान में आया है कि एक माह की फरारी के बाद अदालत से अग्रिम जमानत मिली तो उनके स्थान पर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निवास में प्राचार्य की पदस्थापना कर दी गई, और विकासखंड शिक्षा अधिकारी की पदस्थापना भी कर दी गई।
फिर इनके द्वारा आज चोरी छुपे कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में किसके आदेश पर जॉइनिंग ली गई और रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए गए क्या माननीय कलेक्टर महोदय कमिश्नर महोदय और शासन प्रशासन मूक दर्शक बनकर इन भ्रष्टाचारियों को इसी तरह का बढ़ावा देता रहेगा या भ्रष्टाचार में लगाम लगाने के लिए कोई उचित कार्रवाई की जाएगी या फिर गवन के बाद भी आज के आदेश की तरह पदोन्नति मे कोई बड़ा पद देकर इन्हें फिर से पुरस्कृत किया जाएगा यह बात समझ से परे है।





